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Sumit Singh Chandravanshi, Tanu Shri, Preeti Maurya Starr Sujeet Kumar Singh Directed Film Badhaai Ho World Television Premiere On 24th February...

24 फरवरी को सुजीत कुमार सिंह निर्देशित सुमित सिंह चन्द्रवंशी, तनु श्री, प्रीति मौर्या की ‘बधाई हो’ का वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर

 

कई सुपरहिट भोजपुरी फिल्मों के निर्देशक सुजीत कुमार सिंह के निर्देशन बनी सुमित सिंह चन्द्रवंशी, तनु श्री और प्रीति मौर्या के शानदार अभिनय से सजी भोजपुरी फिल्म ‘बधाई हो’ का वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर 24 फरवरी को शाम 6 बजे फ़िल्मची टीवी चैनल पर होगा। इस फिल्म में केंद्रीय भूमिका में गीतकार से गायक व नायक बने सुमित सिंह चन्द्रवंशी हैं। उन्होंने वह कर दिखाया कि जहाँ चाह वहाँ राह… यही वजह है कि इन दिनों सुमित सिंह सिंगिंग और एक्टिंग में व्यस्त हैं। इसी कड़ी में उनके लाजवाब अभिनय से सजी भोजपुरी फिल्म ‘बधाई हो’ घर घर में दर्शकों के बीच वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर किया जाएगा। इस फिल्म सुमित सिंह चन्द्रवंशी, तनु श्री, प्रीति मौर्या की बहुत ही अलग केमेस्ट्री दिखेगी। वही निर्देशक सुजीत कुमार सिंह के शानदार डायरेक्शन भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा।

गौरतलब है कि अभिमन्यु कुमार प्रोडक्शन व भारती पिक्चर प्रस्तुत फुल इंटरटेनिंग एवं सम्पूर्ण पारिवारिक फिल्म ‘बधाई हो’ के निर्माता अभिमन्यु कुमार हैं। फिल्म के निर्देशन के बागडोर संभाली है निर्देशक सुजीत कुमार सिंह ने, जिन्होंने सत्या, भोजपुरिया राजा, वांटेड, धड़कन, क्रेक फाइटर, राजा डोली लेके आजा जैसी कई सुपरहिट भोजपुरी फिल्मों का निर्देशन किया है। इस फिल्म के हीरो सुमित सिंह चन्द्रवंशी हैं, हीरोइन तनु श्री और प्रीति मौर्य हैं। एक हीरो और दो हीरोइन के अनोखे प्रेम प्रसंग से भरपूर यह फिल्म हर वर्ग के दर्शकों का बहुत मनोरंजन करने वाली है। विलेन की भूमिका में भोजपुरी फिल्मों के हार्डकोर विलेन संजय पांडेय हैं, साथ ही निगवटिव रोल में सोनू पांडेय भी हैं। घर-परिवार की जान दादी के किरदार में भानु पांडेय हैं। कुल मिलाकर यह फिल्म एक अलग जोनर की बनाई गई है। इस फिल्म की पूरी शूटिंग बिहार के मुजफ्फरपुर के कई रमणीय स्थलों पर की गई हैं। फ़िल्म के संगीतकार छोटे बाबा, अमरेश शाहाबादी, राजुल चौधरी हैं। गीतकार सुमित सिंह चन्द्रवशी हैं। कथा शमशेर सेन, पटकथा व संवाद शमशेर सेन व रूस्तम अली चिश्ती ने लिखा है। छायांकन विजय मंडल, संकलन संतोष हरावडे, नृत्य रिक्की जैस, मारधाड़ जय बिस्टा, कला बाबा बजनिया यादव का है। पोस्ट प्रोडक्शन प्रियंका विडियो स्टूडियो में किया गया है। कास्ट्यूम चंदन सिंह का है, कार्यकारी निर्माता राहुल कुमार हैं।

सुमित सिंह चन्द्रवंशी, तनु श्री, प्रीति मौर्या की सुजीत कुमार सिंह निर्देशित फिल्म ‘बधाई हो’ का वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर 24 फरवरी को

The Film MISSION C1000 Exposes The Conspiracy To Defame India As Hindu Terrorism...

भारत को हिन्दू आतंकवाद के रूप में बदनाम करने की साज़िश का पर्दाफाश करती फ़िल्म “मिशन सी1000”

देश के दुश्मन कैसे हिंदुस्तान पर हिन्दू आतंकवाद का धब्बा लगाना चाहते हैं, और इस तरह पूरे विश्व में हिंदुस्तान को हिन्दू आतंकवाद के नामनपर बदनाम किया जाए, इसी ज्वलंत मुद्दे पर आधारित है फ़िल्म मिशन सी1000. यह फ़िल्म हिन्दू आतंकवाद के इसी झूठे आरोप का कड़वा सच सामने लाएगी।

एसवी क्रियेशन प्रस्तुत फ़िल्म मिशन सी1000; हिन्दू आतंकवाद के निर्माता किरणमयी, विराट और शौर्या हैं जबकि कहानी, पटकथा और संवाद लेखक तेजेश्वर हैं जिन्होंने फ़िल्म का कुशल निर्देशन भी किया है। यह फ़िल्म तेलगु, हिंदी सहित कई भाषाओं में रिलीज होगी। फ़िल्म में कई सिचुएशनल गीत भी हैं। इसमे एक रामजी पर भी गीत है वहीं एक देशभक्ति भरा गाना भी है। इसमे कालीचरण महाराज का स्पेशल अपीयरेंस भी है। फ़िल्म के एक्ज़ीक्यूटिव प्रोड्यूसर्स डॉ एलसगराम प्रभाकर, वी रामु, गोंडीकोटा श्रीनिवास, सह निर्माता टी ईश्वर और टी उमा महेंद्र (भाजपा हैदराबाद पार्लियामेंट्री कांस्टीट्यूएंसी) हैं।

फ़िल्म के नायक तेजेश्वर, हीरोइन प्रज्ञा नयन, खलनायक कबीर दुहान, संजय पाण्डेय हैं जबकि बाकी कलाकारों में जया प्रकाश, अनीश कुरुवेल्ला और सुधा हैं।

लेखक निर्देशक तेजेश्वर का कहना है कि यह सिनेमा देशभक्ति, सांस्कृतिक विरासत की बात करता है और झूठे आरोपों के विरुद्ध लड़ाई को दिखाता है।

मिशन C1000 बहुत जल्द सिनेमाघरों में रिलीज होने को तैयार है। 

फ़िल्म मिशन सी1000 हिंदू अतंकवाद की कहानी नायक राम पर केंद्रित है, जिसे नायिका के पिता के अनूठे फॉर्मूले का फायदा उठाने वाले आतंकवादियों को नाकाम करने का काम सौंपा गया है। यह फिल्म भारत पर हिंदू आतंकवाद का लेबल लगाने के लिए विदेशी संस्थाओं के नापाक प्रयासों पर प्रकाश डालती है। राम इन झूठे आरोपों का मुकाबला करते हुए देशभक्ति का प्रतीक बनकर उभरता है। फिल्म का उद्देश्य युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों को अपनाने और राष्ट्रीय प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।

इस मास्टरपीस सिनेमा में प्रमुख किरदार राम को प्रधान मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री इस जरूरी काम के लिए नियुक्त करते हैं। नायक राम वीरता और भारतीय संस्कृति के साथ गहरे संबंध को जोड़ता है। यह एक ऐसी कथा है जो देश के विकास के लिए सनातन धर्म की जड़ों से जुड़ने के महत्व के बारे में संदेश देती है।

इसमे दिखाया गया है कि आतंकवादियों का लक्ष्य विश्व स्तर पर आतंकवाद फैलाने के लिए हिंदू आंतकवाद की झूठी कहानी बनाकर फैलाना है। ऐसे में राम आतंकवादियों के मिशन को असफल करने और देश की छवि को बचाने के लिए नायक के रूप में उभरते हैं। फिल्म में चित्रित राम देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन जाते हैं। उनका मिशन आतंकवादियों को हराने और राष्ट्र की छवि बचाने से परे है; इसका विस्तार युवाओं को अपनी भारतीय पहचान अपनाने और राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।

फ़िल्म की महान सिनेमैटोग्राफी देश के सार को खूबसूरती से दर्शाती है। फिल्म का प्रभाव दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ता है। यह सांस्कृतिक जागरूकता के महत्व के बारे में बातचीत को बढ़ावा देता है और युवाओं में देश के विकास में सकारात्मक योगदान देने के लिए जिम्मेदारी की भावना पैदा करता है।

फ़िल्म का श्री रामलला गीत एसवी क्रिएशन के यूट्यूब चैनल पर जारी किया गया है। इसकी मंत्रमुग्ध कर देने वाली धुन सुनने और मनमोहक दृश्य देखने के लिए आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें

https://youtube.com/@SVCreation-6666?si=xd7vJ1AlfXhN3EOh

भारत को हिन्दू आतंकवाद के रूप में बदनाम करने की साज़िश का पर्दाफाश करती फ़िल्म “मिशन सी1000”

KUSUM KA BIYAAH Indian Hindi Film Based On A True Story Releasing On 1st March 2024...

Kolkata, 15 February, 2024: iLEAD Films and Balwant Purohit Media proudly present the premiere of “Kusum Ka Biyaah,” a hindi film based on a true story on 13 February at Mani Square PVR, marking a significant moment in Indian cinema directed by Suvendu Raj Ghosh.

Directed by the talented Suvendu Raj Ghosh and written by Vikash Dubey and Sandip Dubey, “Kusum Ka Biyaah” boasts a stellar cast including Lovekansh Garg, Sujana Darjee and Pradip Chopra in leading roles, supported by a talented ensemble featuring Raja Sarkar,  Suhani Biswas, Panya Darshan Gupta,  Atanu Mahata, Samir Kumar Dutta, Khurshid Alam, Manoj Ojha and Raj Singh Sidhu among others.

“Kusum Ka Biyaah” narrates the tale of a middle-class mining worker and an aspiring student who agree to marry for the sake of their parents’ happiness. However, their plans take an unexpected turn when a government announcement disrupts their wedding day, leading to a series of comedic and heartwarming adventures.

This film has earned numerous prestigious awards for its portrayal of social issues and nomadic life. Mr Pradip Chopra, the lead actor and producer, was recently honored with the Best Actor Award by a prominent Bollywood Town Magazine at film award ceremony in Mumbai. Through meticulous research, the film authentically captures the traditions and lifestyle of the Santali tribe, including their intricate wedding ceremonies.

Moreover, the film’s cultural richness will be accessible to a wider audience through dubbing into Bengali, Rajvanshi, Santali, and Bhojpuri languages, sparking interest in tribal communities and beyond. Its catchy songs, beloved by Zee Music, will further enhance its appeal. Beyond entertainment, this cinematic gem serves as a compelling case study, offering invaluable insights into crisis management and prompting reflection on navigating turbulent times with foresight.

The movie “Kusum Ka Biyaah” depicts a real-life event that unfolded during the COVID-19 lockdown. The story revolves around a wedding procession traveling from Bihar to Jharkhand, which finds itself stranded at the state border due to the sudden enforcement of lockdown measures by the government. The trailer vividly portrays the chaos and challenges faced by the characters as they navigate through the unprecedented situation brought about by the pandemic.

Amidst the nationwide lockdown, imposed to curb the spread of the coronavirus, countless individuals across cities and villages found themselves in distressing situations, with life seemingly coming to a halt. The film captures the struggles encountered by Kusum’s wedding and highlights the broader impact of the pandemic on society. It serves as a poignant reminder of the resilience and endurance exhibited by people during times of crisis.

The film’s trailer and music have already garnered attention on Zee Music Company, setting high expectations for its release. As audiences eagerly waiting the much-anticipated first night of the newlywed couple, the film also delves into timely themes surrounding government bureaucracy and state to state security.

KUSUM KA BIYAAH Indian Hindi Film Based On A True Story Releasing On 1st March 2024

Bhargav Bhakti Youtube Channel Is Currently Awakening The Light Of Sanatan Dharma Through Devotional Songs And Music....

भार्गव भक्ति यूट्यूब चैनल वर्तमान समय में भक्ति से ओतप्रोत गीत-संगीतों के माध्यम से सनातन धर्म की अलख जगा रहा है।

जितनी चीजें भार्गव भक्ति के माध्यम से रिलीज हो रही है और हुई है,उसे अभी तक ना ही किसी फिल्म में या ना ही म्युजिक के माध्यम से दिखाया गया है। न ही किसी ने सोचा होगा कि इतनी ज्ञानवर्धक जानकारियां प्राप्त करना इस चैनल पर आसानी से उपलब्ध हो सकता है। एस के तिवारी इसके लिए पिछले कई सालों से मेहनत और लगन से कार्य कर रहे हैं। भार्गव भक्ति यूट्यूब चैनल पर 52 शक्तिपीठ देवियों और बारह ज्योर्तिलिंग के विवरण गीत रिलीज किया जा चुका है। साथ ही 33 कोटि देवताओं (11 रुद्र, 12 आदित्य, 8 वशु 2 अश्वनी कुमार) के विवरण गीत निरंतर भार्गव भक्ति चैनल सभी सनातनी हिन्दू भाईयों-बहनों तक पहुंचा रहा है।

भार्गव भक्ति यू-ट्यूब चैनल का कॉमर्शियल बिंदु से कोई लेना देना नहीं है। इस चैनल पर प्रसारित होने वाले धार्मिक गीत-संगीत जिसे पसंद आते हैं वह लाइक, शेयर करते हुए सब्सक्राइब कर सकते हैं और कमेंट्स के माध्यम से अपनी सलाह भी दे सकते हैं। यह चैनल सनातनियों के लिए है, यह आय प्राप्त करने का साधन नहीं है।

तिवारी प्रोडक्शन के सीईओ और फाउंडर एस के तिवारी गीतों के एक-एक शब्दों पर विशेष ध्यान देकर अपने चैनल के माध्यम से प्रसारित करते हैं। तिवारी प्रोडक्शन अभी तक सनातन धर्म से जुड़ी कई अहम जानकारियों को प्रदान कर चुके हैं तथा अपने बेहतरीन रिसर्च द्वारा और शब्दों की बारीकी पर ध्यान देते हुए सनातन धर्म से जुड़े रोचक तथ्यों और जानकारियों को गीत के माध्यम से सभी सनातनियों तक पहुंचा चुके हैं और यह प्रक्रिया अनवरत जारी है।

ज्ञात हो कि तिवारी प्रोडक्शन के सीईओ फाउंडर एस. के. तिवारी, एक उच्च कुल ब्राहाण परिवार में जन्में व्यक्ति हैं। एस के तिवारी सनातन धर्म के सभी महत्व और समस्त जानकारियों को और अपने सभी वर्णों को समेट कर साथ चलने वाले व्यक्ति हैं।

तिवारी प्रोडक्शन के बैनर तले बने चारों वेदों के विवरण गीत का एक ऐसा धार्मिक और अनोखा गीत है जिसको जितना जानने की कोशिश करेंगे उतना ही ज्ञान के अथाह सागर में समाते जाएंगे। वेद ज्ञान की ऐसी सिद्धि है जहाँ पर यह ज्ञात होता है कि यह नश्वर संसार सनातन धर्म के अटूट स्तंभ पर टिका हुआ है। सनातन धर्म के अलावा कोई और दिखाई नहीं देता। सर्वत्र केवल सनातन धर्म ही दृष्टिगोचर होता है। इन्हीं सभी बातों को तिवारी प्रोडक्शन के एस के तिवारी अपने गीतों के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व की जनता तक पहुँचाना चाहते हैं। वह ऐसे व्यक्ति हैं जिनके मन में सनातन धर्म के प्रति अथाह श्रद्धा और प्रेम है।

सनातन धर्म में चार वेद होते हैं और चारों वेदों से संदर्भित विवरण गीतों को एस के तिवारी अपने भार्गव भक्ति म्यूजिक चैनल के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने जा रहे हैं। इनके इस कार्य के पीछे एक बड़ी सोच, विश्वास और सकारात्मक निर्णय करने की उनकी भूमिका स्पष्ट रूप से दिखलाई दे रही है।

अभी तक भार्गव भक्ति चैनल जो जानकारियाँ और ज्ञान लोगों तक पहुंचा रहा है ऐसा अभी तक किसी ने  ना ही सोचा होगा और ना ही इस तरह विस्तृत तरीके से लोगों तक पहुंचाया होगा। सनातन धर्म से जुड़े प्रत्येक पहलु, पवित्र स्थल और तीर्थों से जुड़ी ज्ञानवर्धक जानकारियाँ इस चैनल पर उपलब्ध है। इस चैनल से अनेक भक्ति गीत रिलीज हो चुके हैं और आगे भी सनातन धर्म से जुड़ी जानकारियां और ज्ञान की धारा यूं ही अनवरत भार्गव भक्ति चैनल के माध्यम से लोगों तक पहुंचती रहेगी।

 

भार्गव भक्ति यूट्यूब चैनल वर्तमान समय में भक्ति से ओतप्रोत गीत-संगीतों के माध्यम से सनातन धर्म की अलख जगा रहा है।

DANGAL TV’s “Sasuma Ne Meri Kadar Na Jaani” reaches 100-Episode Milestone...

15th February 2024 | Mumbai, India : Sasuma Ne Meri Kadar Na Jaani, the captivating drama that has fascinated audiences with its compelling storyline and memorable characters, is proud to announce the completion of its 100 episodes today. Since its premiere, Sasuma Ne Meri Kadar Na Jaani has captivated viewers with its exploring themes of tradition, family dynamics, and the pursuit of personal dreams.

The show follows the journey of Pallavi, a young woman who yearns to pursue her passion for reading but faces resistance from her traditional parents, who believe that a woman’s place is solely in her

marital home. Pallavi’s aspirations clash with the expectations placed upon her by society and her family, creating a compelling story that resonates with viewers of all backgrounds.

As Pallavi navigates the complexities of familial expectations and societal norms, she finds herself entangled in the web of Babli Devi, a formidable mother-in-law who harbours her own ambitions for the ideal daughter-in-law. Their paths intertwine as they confront their desires and the constraints placed upon them by tradition.

Sasuma Ne Meri Kadar Na Jaani has gained significant compliments for its compelling storytelling, subtle characters, and powerful performances. The talented cast, led by Akshit Sukhija (as Arnav Shastri), Anushka Merchande (as Pallavi Arnav Shastri) and Salman Shaikh (as Shiva) has brought the characters to life with authenticity and depth, earning praise from audiences and critics alike.

“We are thrilled to celebrate this incredible milestone of 100 episodes, time just flew and we are looking forward to many more episode centuries. As the show is moving ahead we are much more excited and loving the script which is make us even more involved in our performances” said the lead casts and team. The response from viewers has been overwhelming, and we are grateful for their unwavering support.” says the lead cast and team.

As the show celebrates its 100th episode, fans can expect even more twists and turns as Pallavi’s journey continues to unfold.

Last we saw, Shiva is trying hard to snatch the property from the family and Arnav and Pallavi are well aware of his gimmick, so now Pallavi is playing emotionally with Shiva to divert his greed towards the property. This moment marks the beginning of a new turn in the chapter.

To watch recent episodes of Sasuma Ne Meri Kadar Na Jaani, tune in to DANGAL TV, every Monday to Saturday at 10:00 PM

ABOUT DANGAL TV

DANGAL TV is the leading Hindi General Entertainment Channel in India.

It has established itself as a trusted destination for Entertainment, Drama and more, as it keeps pushing the frontiers of narrative while honouring its values of originality, morality, and diversity.

Dangal TV is available on all leading DTH platforms and major cable TV networks.

 

DANGAL TV’s “Sasuma Ne Meri Kadar Na Jaani” reaches 100-Episode Milestone

Ode To Sacred Symbols Curated By Kalashri Dr Lata Surendra...

“Symbols adorn our world and mind at every turn. India’s Sages and seers have created symbolic imagery, transforming mudras (hand gestures) into instantly recognized emblems and transmitters of a Deity’s power or a particular frequency of energy. Each of the dozens of Deities in the Hindu pantheon conveys a cosmic function, force or capacity. Today this ancient magic is carried forward in a multitude of ways, from the temple priest’s invocation to the Indian housewife’s drawing of multi-colored designs, called kolams or rangoli, on the ground as auspicious auguries, household blessings and greetings.

It was this that inspired the theme for Feb3’2024. Although Malls are the INDRAPRASTH of today that had something for every seeking heart, what it needed was the Arts and thanks to Shri Sandip Soparrkarji and GM Shri Satyajit Kotwalji, my dream processed out to a reality which was to have the general public who frequent Malls to connect to the finer aspects of life . ”  said  Kalashri Dr Lata Surendra curator of the unique ‘Ode to Sacred Symbols’ With the Inorbit culture Club as the venue partner, the unique event that had 150 participating professionals took shape at  the extraordinary venue under the umbrella of the NCPA Mumbai Dance Season, with the aim being to have more rasikas connect to the rich spectrum of Indian Classical dance forms .

The traditional Lamp Lighting by Guest of Honour -Shri Sandip Sopaarkar-Indian Latin and ballroom dancer, choreographer, actor, columnist, Philanthropist,Chairperson of India Fine Arts Council, Doctorate in World Mythology,  G.M – Inorbit Mall Shri Satyajit Kotwal, Prog Head for Dance- Dr Swapnokalapa Dasguptaji.   

Senior Gurus present and celebrity guests Fashion Guru – Sonia Mayers -The face of Swadeshi Brand& Founder of Dr A. P. J .Kalam Bharata Puraskar Ridhima Pai- Pantaloons Femina  Miss India Finalist & Model ,Indian Actor -Shri Mukul Naag of Saibaba fame , Bollywood Actor Shri Kamal Ghimire  set the prelude to the beautiful chapter. 

The positive message that Sandip Soparrkar highlighted, bespoke of a concern for unity vital in this world today and artists as those responsible mediums who could highlight it most effectively  .  The anticipation in onlookers who thronged to witness the show was obvious and infectiou.

The Sacred Symbol of CHAKRA ,  Vishnu’s symbol as the wheel of time by  Nalanda Nritya Kala Mahavidyalaya set the flow. The dancers through the synergy of three dance forms  elaborated interestingly the Kaal chakra concluding with Abhimanyu’s Chakravyuh- a formidable military structure that resembled a labyrinth of several defensive walls. The evocative exploring  through an interesting choreography that endorsed the beauty of three styles -Bharata Natyam, Kathak and Mohiniattam  rooted the moving crowd of the Inorbit Mall to stillness! . 

Guru Keka Sinha- Kalapi Centre of Performing arts  with Somangka Bhattacharjee presented     Kannadi bimbam – the  Mirror .The mirror worshipped as the manifestation of  the wrathful merciless  Bhadrakali  – who emanated from the third eye of Lord Shiva to vanquish Demon  darika accorded with the boon of immortality by Brahma . Senior Manipuri Exponent and Teacher Latasanadevi – the senior disciple of Padmashri Guru  Darshana Jhaveriji,   through  ‘Prarthana’  highlighted  the significance of Tilaka  . With the flowing grace that is Manipuri, she highted  why staunch Vaishnava devotees wear tilak on twelve parts of the body.  Guru  Dr Sailaja Desai  (Kuchipudi)& Guru  Dr Suman Badami (Bharata Natyam ) both Mentors and Exponents in their Respective styles and Curators of Powai Fine Arts , explored  the echoes of Dharma unravelling  the Symbolism of Lord Krishna’s Conch Panchajanya .

Imagery of Shankh through Andal’s Naachiyar Tirumozhi – karuppuram narumO  by  Dr Suman  Desai and  Kurukshetra battle scene  where the Lord sounded his Conch -by Dr Sailaja Desai brought to life the Symbol of the Conch .Manas Cultural Institute- Disciples of Guru  Smt Manisha Jeet  with absolute soulful energy of Kathak  took up Kasturi Tilakam from  Sri Krishna Karnamrutham,  to explore Tilaka .

Accomplished Odissi Mentor,Exponent Dr Sarmishta Chattopadhyay-explored sandal paste – chandan through an odiya song by upayendra bhanja wherein  a young gopi comforts her Krishna with a garland of soft malli flowers to soothe him by applying sandal paste .Dr Ayswaria Wariar explored ankusa –the goad of Bhadrakali  and began interestingly  with the kerala temple ritual of kalamezhuthu paatu concluding with creation of bhairavi from shivas third eye. The sound of the reed comes from fire, not wind and  Disciples of Purbita mukherjee – explored the sacred flute.Seasoned Kathak exponent Isha kathavathe  explored the SHREE yantra- supreme mystical mandala –the living yantra and related its distinct geometric symbolism with the kinestheics of Kathak. Disciples of Guru Padmini Radhakrikrishna – Saundarya Natya Kalalaya Foundation explored the  bell -Ghanta  used in ritual puja that stimulates the inner ear to remind us that, like sound, the world may be perceived but not possessed ! Upasana Academy  of Fine Arts – Disciples of Guru Jayshree Nair reached out with the Star  through bhakta Dhruva to awaken all to  a lesson of surrendering all worries, to the divine.

Aditi Nrityalaya –Disciples of  Guru Sushri Lata Bakalkar explored with commitment  the sacred  dumroo – the two sides of which represented the duality of existence.  Ananya Iyer and Megha M Pillai ,the Disciples of Kalashri Lata Surendra-the curator took up the Peacock as the vehicle or Vahana of  Lord Subramanya.

Though the Peacock is noted for its excessive pride which is  attributed as  a negative trait , the rhythm- packed choreography symbolically attributed  it as the pride that a seeker of Truth should have for Supreme Self and the answering rhythm binding the vahana and the deity reflective of the harmony ever so vital in the universe resounding with Omkaram . Sujatha Ramanathan-the accomplished Bharata Natyam exponent  once again accentuated harmony through the vaak devi- embracing wisdom and creativity  The veena, in addition to representing the arts, serves as a reminder to tune one’s heart and mind to live in harmony with others and the world.

Ved dance academy  – graceful Kathak exponent&Teacher  Aditi Yadav &   Senior  Mentor and exponent  Smt  Paullumi Mukherjee awakened all to the saguna and nirguna aspect.Paullumi with maturity  explored  the  texture of peetham  in the creation of Haridri Ganesha  while  through the Composition of Sant Kabir  Aditi Yadav,with poise  gracefully set about  the awakening of ebullient yellow through the formless.  Bharatanatyakalalaya- with Anupama Devrajan, the dedicated disciple of Guru Geetha Venkateshwar exponent explored the dualistic aspect of Sacred Symbol -Agni.The Founder of  Geetanjali dance school,renowned Mohiniattam  Guru Geetha Vijayshanker’s talented Disciples evocatively   highlighted the ornaments of Lord Shiva, through  sopana sangeetham.

The  imaginative choreography invoked the Lord’s grace  with the crescent moon and sacred  Ganga flowing from his  matted locks!. The theme was once again elaborated by vibrant  disciples of imaginative  Guru Shri K V Rajan, Founder of Meenakshi Nritya Vidyalaya . Kalangan Guru Moli Sidharth ‘s disciples   explored the sacred symbol of the tears of Lord Shiva- Rudraksh through a thought provoking choreography . ‘Ecological responsibility is not an obligation, once we realize we are all an integrated’  and this was what was sensitively  highlighted through the sacred Vat Vriksha by Taal Mani Pandit Brijraj Misra Foundation by Mentor Smt Anu Harshal & Disciples.

Akshobhya Bharadwaj, who is at the core of the new generation of Kathak dancers, embodied Bhasma  through his energetic performance . The Creative Visualiser  Debabrata Pal through the  synergy of dance and painting depicted the ardhanarishwara symbol . Committed Kathak exponent Shri Kailasnath Kurup doing his Masters at the Bharata College of Fine Arts, explored the blue lotus garland of Lord Shiva choreographed  by the very thinking artist and researcher Dr Sunil Sunkara.

The seasoned Kathak Exponent charismatic  Disha Desai & team explored bilva patra . The Ode to Sacred Symbols concluded with a stirring definition of Dwaj-The Flag  through  the lament of a patriot’s motherby curator Kalashri Dr lata Surendra  . She highlighted to all that the flag is symbolic of our Nation’s pride and accords unto each of us our very Cultural identity . Thus with the promise of new beginnings, the witnessing eyes of thronging rasikas at the In orbit Malad reached out to waiting life realizing that life is not just about passing moments but about shared moments that take our breath away!

By a Dance  Reporter  – Inorbit Culture Club

Ode To Sacred Symbols  Curated By Kalashri Dr Lata Surendra